जामुन की गुठली पाउडर – कैसे करें इस्तेमाल?

डायबिटीज रोगियों के लिए जामुन एक वरदान से कम नहीं है, खासकर उसकी गुठली। जामुन की गुठली से बना पाउडर प्राकृतिक रूप से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में असरदार होता है। आइए जानते हैं इसका सही तरीका और फायदे।
जामुन की गुठली में क्या होता है खास?
जामुन की गुठली में जाम्बोलिन (Jamboline) नामक तत्व होता है जो शरीर में स्टार्च को शुगर में बदलने की प्रक्रिया को धीमा करता है। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-डायबेटिक गुण भी पाए जाते हैं।
कैसे बनाएं जामुन गुठली का पाउडर?
- जामुन खाकर उसकी गुठलियां इकट्ठा करें।
- गुठलियों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें।
- सुखी हुई गुठलियों को मिक्सी में पीसकर महीन पाउडर बना लें।
- इस पाउडर को किसी कांच की बॉटल में स्टोर करें।
इस्तेमाल करने का तरीका
- खाली पेट: रोज़ सुबह खाली पेट आधा चम्मच जामुन की गुठली पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें।
- दोपहर या रात: भोजन से पहले भी ले सकते हैं, लेकिन मात्रा नियंत्रित रखें।
कितने दिन में असर दिखता है?
लगातार 30 से 45 दिन उपयोग करने पर ब्लड शुगर लेवल में फर्क महसूस किया जा सकता है।
सावधानियाँ
- एक दिन में 1 ग्राम से ज़्यादा पाउडर न लें।
- गर्भवती महिलाएं और बच्चों को बिना डॉक्टर सलाह के न दें।
- दवा ले रहे मरीज पहले डॉक्टर से सलाह लें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। कोई भी घरेलू उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।