छोटे-छोटे ब्रेक लेकर काम करने से शुगर कंट्रोल हो सकती है?

डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) के अनुसार, लंबे समय तक लगातार बैठकर काम करने से न केवल आपकी रीढ़ की हड्डी और आंखों पर असर पड़ता है, बल्कि यह आपके ब्लड शुगर लेवल को भी प्रभावित कर सकता है।
बैठे-बैठे काम और डायबिटीज का कनेक्शन
जब आप लगातार कई घंटों तक बैठे रहते हैं, तो आपकी मांसपेशियां निष्क्रिय हो जाती हैं। इससे शरीर में ग्लूकोज़ प्रोसेसिंग स्लो हो जाती है और ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
छोटे ब्रेक क्यों हैं ज़रूरी?
- हर 30-45 मिनट में 2-5 मिनट का ब्रेक लेने से शरीर एक्टिव रहता है।
- ब्रेक के दौरान हल्की मूवमेंट या स्ट्रेचिंग करने से शुगर लेवल स्टेबल रहता है।
- मानसिक तनाव भी कम होता है, जो डायबिटीज को प्रभावित करता है।
क्या कहते हैं रिसर्च?
एक रिसर्च के मुताबिक, जो लोग हर आधे घंटे में कुछ कदम चलते हैं या ब्रेक लेकर एक्टिविटी करते हैं, उनमें इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर देखी गई। इससे शुगर लेवल में नियंत्रण पाया गया।
आप क्या कर सकते हैं?
- वर्क फ्रॉम होम हो या ऑफिस, हर 40 मिनट में उठकर पानी पीने जाएं या थोड़ा चलें।
- अपने मोबाइल या लैपटॉप में “ब्रेक रिमाइंडर” अलार्म सेट करें।
- ब्रेक के समय गहरी सांस लें, आंखें बंद करके 2 मिनट ध्यान करें।
निष्कर्ष:
डायबिटीज मैनेजमेंट सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल के छोटे बदलावों से भी संभव है। छोटे-छोटे ब्रेक आपको ना सिर्फ फिजिकली बल्कि मेंटली भी हेल्दी रखने में मदद करते हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी मेडिकल सलाह के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।