क्या शुगर की बीमारी ठीक हो सकती है?

डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर ब्लड में मौजूद ग्लूकोज को ठीक से उपयोग नहीं कर पाता। बहुत से लोग पूछते हैं कि – क्या यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है? इसका जवाब जटिल जरूर है, लेकिन उम्मीद से भरा हुआ भी।
BNYS डॉक्टर आर. शर्मा कहते हैं, “अगर मरीज अपनी जीवनशैली को अनुशासित करें और शुरूआती स्तर पर ध्यान दें, तो टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल करना ही नहीं, बल्कि रिवर्स भी किया जा सकता है।”
डायबिटीज पूरी तरह ठीक क्यों नहीं होती?
- यह एक मेटाबॉलिक डिज़ऑर्डर है जो समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ता है।
- कुछ मामलों में पैंक्रियाज की इंसुलिन बनाने की क्षमता स्थायी रूप से कम हो जाती है।
- लंबे समय तक दवा पर रहने से शरीर खुद से बैलेंस करना भूल जाता है।
लेकिन क्या इसे रिवर्स किया जा सकता है?
जी हां, खासकर टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित करके इस हद तक लाया जा सकता है कि दवाओं की जरूरत न पड़े। यह “रिवर्सल” कहलाता है, जिसमें शुगर लेवल सामान्य बना रहता है बिना दवाओं के।
शुगर कंट्रोल और रिवर्सल के लिए जरूरी कदम
- डाइट सुधारें: प्रोसेस्ड फूड, मैदा और मीठी चीजों से परहेज करें। ज्यादा फाइबर वाला खाना खाएं।
- नियमित व्यायाम: ब्रिस्क वॉक, योग और प्राणायाम ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं।
- वजन कम करें: अगर आपका वजन अधिक है, तो 5-10% वजन कम करने से भी शुगर कंट्रोल में आ सकती है।
- नीम, मेथी, करेला: ये घरेलू उपाय शुगर लेवल कम करने में सहायक होते हैं।
- तनाव को दूर करें: माइंडफुलनेस और ध्यान से कोर्टिसोल कम होता है, जो शुगर को बढ़ाने वाला हार्मोन है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर रोगी सख्ती से प्राकृतिक और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाए, तो डायबिटीज को दवाओं के बिना भी पूरी तरह मैनेज किया जा सकता है।
किन मामलों में डायबिटीज ठीक नहीं होती?
अगर व्यक्ति टाइप 1 डायबिटीज से ग्रसित है या कई वर्षों से अनियमित जीवनशैली जी रहा है, तो यह बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती। लेकिन दवाओं और सुधार से इसके दुष्प्रभावों को रोका जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य से है। डायबिटीज के इलाज से पहले अपने डॉक्टर या योग्य BNYS चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।