क्या वॉक से ही शुगर कंट्रोल हो सकती है?

डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो अगर समय रहते कंट्रोल न की जाए, तो शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। दवाओं के अलावा, जीवनशैली में बदलाव इसकी कुंजी है। लेकिन क्या केवल चलना यानी वॉक करना ही शुगर कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त है?
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS), जो कि एक अनुभवी नेचुरोपैथ और योग विशेषज्ञ हैं, कहती हैं कि “वॉक एक बेसिक लेकिन बेहद असरदार उपाय है। लेकिन यह तब और प्रभावी होता है जब इसे सही समय, तरीके और दूसरी आदतों के साथ जोड़ा जाए।”
वॉक से ब्लड शुगर पर कैसे असर पड़ता है?
जब आप चलते हैं, तो आपकी मांसपेशियां काम करती हैं और उस दौरान शरीर ग्लूकोज़ (blood sugar) को एनर्जी के लिए इस्तेमाल करता है। इससे ब्लड में शुगर की मात्रा कम होती है। रिसर्च में पाया गया है कि खाने के 30-45 मिनट बाद वॉक करने से शुगर स्पाइक रोका जा सकता है।
वॉक का सही समय और तरीका
- सुबह खाली पेट – 20-30 मिनट की brisk walk मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करती है।
- खाने के बाद 10-15 मिनट की हल्की वॉक – इससे शुगर लेवल तेजी से न बढ़े।
- शाम को धीमी लेकिन लंबी वॉक – तनाव कम करती है और नींद बेहतर होती है।
क्या सिर्फ वॉक काफी है?
वॉक एक मजबूत आधार जरूर है लेकिन डायबिटीज का सम्पूर्ण समाधान नहीं। इसे सपोर्ट देने के लिए कुछ जरूरी चीजें साथ अपनानी चाहिए:
- लो-ग्लाइसेमिक डाइट (जैसे जौ, ओट्स, सब्जियां)
- प्राणायाम और ध्यान – जिससे हार्मोन संतुलन में रहें
- भरपूर पानी और नींद – ये शरीर की सफाई और ऊर्जा बनाए रखते हैं
- तनाव कम करने के उपाय – तनाव से शुगर बढ़ती है
डॉ. साहू का अनुभव
डॉ. सुनंदा साहू ने बताया कि उनके कई मरीजों ने केवल वॉक के साथ ही शुगर लेवल 300 से 150 तक लाने में सफलता पाई। लेकिन यह तभी हुआ जब उन्होंने समय पर भोजन, हल्का खाना, और मानसिक संतुलन भी बनाए रखा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि “अगर इंसान हर दिन सुबह और शाम 30-30 मिनट चले, और सप्ताह में कम से कम 5 दिन सक्रिय रहे, तो टाइप 2 डायबिटीज काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है।”
तो जवाब है – हां, वॉक से शुगर कंट्रोल हो सकती है, लेकिन इसके साथ सही खानपान और सोच जरूरी है। यही एक सम्पूर्ण प्राकृतिक इलाज की कुंजी है।
स्रोत: डॉ. सुनंदा साहू (BNYS), प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विशेषज्ञ
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, दवा या उपचार के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।