क्या लौकी का जूस डायबिटीज कंट्रोल करता है?

लौकी (Bottle Gourd) भारतीय रसोई में एक आम सब्ज़ी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लौकी का जूस डायबिटीज यानी मधुमेह के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है? कई आयुर्वेदिक विशेषज्ञ इसे ब्लड शुगर को नियंत्रित करने वाली प्राकृतिक औषधि मानते हैं।
लौकी का जूस कैसे मदद करता है?
- लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स: लौकी का जूस बहुत कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला होता है, जिससे यह शुगर के स्तर को तेजी से नहीं बढ़ाता।
- फाइबर से भरपूर: इसमें घुलनशील फाइबर होता है जो ग्लूकोज के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा करता है।
- हाइड्रेशन और वजन कम करने में सहायक: डायबिटीज में वजन नियंत्रण ज़रूरी होता है और लौकी का जूस इसमें मदद करता है।
- डिटॉक्सिफायर: यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है, जिससे लिवर और किडनी को फायदा होता है।
कैसे और कब पिएं?
- सुबह खाली पेट एक गिलास ताजा लौकी का जूस पिएं।
- जूस बनाने से पहले लौकी को जरूर चखें — कड़वी लौकी नुकसान पहुंचा सकती है।
- 1/2 नींबू का रस या कुछ पुदीने की पत्तियाँ मिलाकर स्वाद बढ़ाया जा सकता है।
- जूस को तुरंत पी लें — स्टोर न करें।
सावधानियाँ
- कभी भी कड़वी लौकी का जूस न पिएं — इससे फूड पॉइज़निंग हो सकती है।
- यदि आपको पेट दर्द, उल्टी, चक्कर जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- डायबिटीज की दवा ले रहे हैं तो ब्लड शुगर की निगरानी करें — लौकी शुगर को बहुत कम कर सकती है।
निष्कर्ष: सही तरीके और मात्रा में लिया गया लौकी का जूस डायबिटीज कंट्रोल करने में सहायक हो सकता है। हालांकि, यह किसी दवा का विकल्प नहीं है — जीवनशैली सुधार और डॉक्टर की सलाह साथ में ज़रूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।