क्या डार्क चॉकलेट डायबिटिक पेशेंट खा सकते हैं?

बहुत से लोग सोचते हैं कि शुगर पेशेंट को मिठाई और चॉकलेट से दूर रहना चाहिए। लेकिन क्या डार्क चॉकलेट इसमें अपवाद हो सकती है? आइए जानें कि क्या डायबिटिक व्यक्ति के लिए डार्क चॉकलेट फायदेमंद या हानिकारक है।
डार्क चॉकलेट में क्या होता है खास?
- डार्क चॉकलेट में फ्लैवोनॉयड्स (Flavonoids) होते हैं जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं।
- यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने में सहायक हो सकती है।
- कैलोरी और कार्ब की मात्रा मिल्क चॉकलेट की तुलना में कम होती है।
डायबिटिक पेशेंट के लिए फायदे
- इंसुलिन रेसिस्टेंस को कम कर सकती है।
- दिल की सेहत को बेहतर बना सकती है।
- कम मात्रा में लेने पर मूड भी बेहतर करता है, जिससे स्ट्रेस और शुगर लेवल कंट्रोल हो सकता है।
किन बातों का ध्यान रखें?
- कम से कम 70% कोको युक्त डार्क चॉकलेट ही लें।
- दिन में 1 से 2 छोटे टुकड़े (लगभग 15-20 ग्राम) से अधिक न खाएं।
- शुगर-फ्री या कम शुगर वर्जन चुनें।
- डॉक्टर की सलाह से ही सेवन करें, खासकर अगर आपकी ब्लड शुगर अनकंट्रोल है।
निष्कर्ष
डायबिटीज के मरीज डार्क चॉकलेट का सेवन सीमित मात्रा में कर सकते हैं, लेकिन यह आपकी दवा या डाइट का विकल्प नहीं है। संतुलित आहार और नियमित जांच के साथ ही कोई भी खाद्य पदार्थ शामिल करें।
Disclaimer: यह जानकारी केवल शिक्षा और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। किसी भी प्रकार का खाद्य बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह जरूर लें।