क्या डायबिटीज में लौकी का जूस फायदेमंद है?

लौकी एक साधारण लेकिन चमत्कारी सब्जी मानी जाती है, खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए। लेकिन क्या लौकी का जूस वाकई ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकता है? चलिए जानते हैं इसकी सच्चाई, फायदे और जरूरी सावधानियाँ।
लौकी का जूस और डायबिटीज
लौकी (Bottle Gourd) में पानी, फाइबर और बहुत कम मात्रा में शुगर होता है। इसमें पाए जाने वाले तत्व पाचन को बेहतर बनाते हैं और शुगर के स्तर को धीरे-धीरे नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यही वजह है कि इसे डायबिटीज के लिए एक नेचुरल हेल्पर माना जाता है।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) की सलाह:
डॉ. Sunanda Sahu (BNYS) के अनुसार, “सुबह खाली पेट एक गिलास ताज़ा लौकी का जूस ब्लड शुगर को बैलेंस करने में मदद करता है। लेकिन यह तभी फायदेमंद है जब लौकी ताजी और कड़वाहट रहित हो।”
लौकी के जूस के फायदे
- ब्लड शुगर लेवल को धीरे-धीरे कंट्रोल करता है
- पाचन को सुधारता है
- वज़न कम करने में सहायक
- डिटॉक्स करने में मदद करता है
- थकान और शरीर की जलन को कम करता है
कैसे और कब लें?
- सुबह खाली पेट 1 गिलास (200–250 ml) जूस
- लौकी को छीलकर उबालें या कच्चा घिसकर जूस निकालें
- थोड़ा नींबू या तुलसी पत्ता मिलाना अच्छा विकल्प है
- जूस पीने के बाद तुरंत कुछ भारी न खाएं
सावधानियाँ:
- अगर लौकी कड़वी लगे तो उसका जूस न पिएं – इससे पेट में गैस, उल्टी या ज़हर जैसा असर हो सकता है
- मधुमेह के मरीजों को पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए
- जूस को कभी भी स्टोर करके न रखें
क्या केवल लौकी से शुगर कंट्रोल हो सकता है?
नहीं, लौकी का जूस केवल एक सहायक है। इसका असर तभी देखने को मिलता है जब आप नियमित व्यायाम, सही खानपान और दवाओं का भी पालन करें।
निष्कर्ष:
डायबिटीज में लौकी का जूस एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय हो सकता है – यदि सही तरीके और मात्रा में लिया जाए। डॉक्टर Sunanda Sahu के अनुसार, इसे अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद है, लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी आहार या घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।