क्या जौ शुगर में फायदेमंद है?

डायबिटीज यानी शुगर के मरीजों को अक्सर पूछा जाता है कि क्या जौ (Barley) उनके लिए सही विकल्प है? तो इसका सीधा जवाब है — हां, जौ मधुमेह में बेहद फायदेमंद अनाज है।
“जौ में घुलनशील फाइबर होता है जो ब्लड शुगर लेवल को धीरे-धीरे बढ़ने देता है, जिससे अचानक शुगर स्पाइक नहीं होता।” – डॉ. पल्लवी अग्रवाल, डाइटीशियन, फोर्टिस हॉस्पिटल
जौ के फायदे शुगर के मरीजों के लिए
- घुलनशील फाइबर से भरपूर: जौ में बीटा ग्लूकन होता है, जो ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करता है।
- कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI): जौ का GI बहुत कम होता है जिससे यह ब्लड शुगर पर हल्का असर करता है।
- लंबे समय तक पेट भरा रखता है: इससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है।
- इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है: नियमित सेवन से शरीर की इंसुलिन रिस्पॉन्स बेहतर होती है।
जौ का सेवन कैसे करें?
- जौ का दलिया: सुबह नाश्ते में नमकीन या हल्का मीठा दलिया लें (बिना चीनी)।
- जौ की रोटी: गेहूं में जौ का आटा मिलाकर रोटियां बनाएं।
- जौ का पानी: 1 चम्मच जौ को रात भर भिगोकर सुबह उबालें और उसका पानी पिएं।
- जौ का सूप: वेजिटेबल बेस्ट सूप में जौ मिलाकर फाइबर रिच भोजन पाएं।
कितनी मात्रा में लें?
शुगर पेशेंट रोजाना 30 से 50 ग्राम जौ अपने आहार में शामिल कर सकते हैं, लेकिन किसी भी नए आहार को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।
निष्कर्ष
अगर आप डायबिटीज को नेचुरल तरीके से कंट्रोल में लाना चाहते हैं, तो जौ को अपनी डेली डाइट में जरूर जोड़ें। यह न सिर्फ ब्लड शुगर को स्थिर रखता है बल्कि वजन, दिल की सेहत और पाचन को भी बेहतर करता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के अनाज या जूस को डाइट में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।