क्या जिम जाने से बिगड़ सकती है शुगर?

डायबिटीज के मरीजों के मन में यह सवाल अक्सर आता है – क्या जिम जाना शुगर के लिए ठीक है या इससे हालत बिगड़ सकती है? एक्सरसाइज तो हेल्थ के लिए जरूरी है, लेकिन डायबिटिक बॉडी को समझदारी से हैंडल करना और सही समय पर सही वर्कआउट चुनना बहुत जरूरी होता है।
जिम के फायदे डायबिटीज पेशेंट्स के लिए
- वर्कआउट से ब्लड ग्लूकोज बेहतर तरीके से यूज़ होता है
- इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है
- वजन कंट्रोल में रहता है जिससे टाइप 2 डायबिटीज पर कंट्रोल अच्छा होता है
- तनाव घटता है और मानसिक स्थिति भी बेहतर होती है
तो समस्या कहां हो सकती है?
अगर डायबिटिक पेशेंट बिना डॉक्टर की सलाह के अत्यधिक इंटेंस वर्कआउट करता है या खाली पेट जिम चला जाता है, तो शुगर लेवल बहुत नीचे गिर सकता है यानी हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है। इसके लक्षण हैं – चक्कर आना, पसीना, कंपकंपी, कमजोरी या ब्लैकआउट।
शुगर बिगड़ने से कैसे बचें?
- वर्कआउट से पहले और बाद में शुगर लेवल जरूर चेक करें
- वर्कआउट से पहले हल्का स्नैक लें (अगर जरूरत हो)
- इंसुलिन लेने के बाद तुरंत इंटेंस वर्कआउट न करें
- अपने ट्रेनर को डायबिटीज की जानकारी दें
कब जिम न जाएं?
अगर आपकी शुगर 250 mg/dL से ज्यादा हो और कीटोन्स मौजूद हों, या 70 mg/dL से कम हो — तो जिम जाना टालें।
निष्कर्ष: डायबिटीज पेशेंट्स जिम जा सकते हैं, लेकिन स्मार्ट प्लानिंग और मेडिकल गाइडेंस के साथ। वरना शुगर बिगड़ भी सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह के लिए कृपया अपने डॉक्टर या एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से संपर्क करें।